
पिथौरा 29.06.2026। महासमुंद जिला शिक्षा विभाग के पिथौरा ब्लॉक में विभागीय नियमों को ताक में रखकर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा के राजपत्रित पद पर बसना वि.खं.अंतर्गत मोहका के अराजपत्रित शिक्षक पुर्णांनंद मिश्रा को बैठाया गया है लेकिन पिथौरा सहित जिले के कोई भी शिक्षक नेता,और विभागीय कर्मचारी इसका खुले रूप में विरोध नहीं कर पा रहे हैं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व विभागीय दिवालिया पन का ज्वलंत उदाहरण है अवैधानिक रुप से सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा के पद पर स्थापित पूर्णानंद मिश्रा अपनी मनमर्जी और दुषित कार्यप्रणाली को लेकर बसना वि.खं.में भी संकुल समन्वयकों शिक्षकों के बीच काफी विवादों में घिरे रहे हैं लेकिन राजनीतिक संरक्षण व विभागीय उच्च अधिकारियों की रहमो करम से सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा के पद में अवैधानिक रूप से पदस्थापित होने के बाद राजपत्रित पद की गद्दी में बैठकर मक्खन मलाई खा रहे है…जो पूरे जिले भर में चर्चा विषय बना हुआ है…पिथौरा विकासखंड जैसे राजनीतिक व प्रशासनिक रुप से महत्वपूर्ण स्थान पर आखिर इतनी बड़ी प्रशासनिक गलती कैसे किया गया..


क्या पिथौरा ब्लाक में ऐसे प्रशासनिक गंदी नितियों और अवैधानिक पदस्थापना जैसे मामले का खुलकर विरोध करने वाला कोई जिम्मेदार सक्षम राजनीतिज्ञ नेता या विभागीय अधिकारी कर्मचारी ही नहीं है?… या फिर जान बूझकर पिथौरा में विभागीय नियमों को कुचला जा रहा है… लोक शिक्षण संभाग रायपुर के संभागीय संयुक्त संचालक एवं लोक शिक्षण संचालनालय इंद्रावती भवन व महानदी भवन मंत्रालय रायपुर में बैठे राज्य के शिक्षा विभाग के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षा मंत्री भी क्या.. ऐसे राजपत्रित पद पर अराजपत्रित अयोग्य व्यक्ति की पदस्थापना पर अपनी मौन सहमति दे रहे हैं. अगर शिक्षा विभाग में सही मायने में कुछ नियम और कायदे हैं और कुछ विभाग के प्रति संवेदनशीलता से कार्य करने वाले अधिकारी हैं तो ऐसे इस मामले में तत्काल संज्ञान लेनी चाहिए और योग्य राजपत्रित सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा के पद में अनुभवशील और योग्य व्यक्ति को पदस्थापित किया जाना चाहिए…जिससे पिथौरा विकास खंड के प्राथमिक पूर्व एवं उच्चतरमाध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विभागीय शिक्षक गणों अधिकारी कर्मचारियों को सही मार्गदर्शन मिल सके एवं राजपत्रित पद की गरिमा के साथ साथ विभागीय गरिमा भी बनी रहे अन्यथा अगर किसी अराजपत्रित अयोग्य व्यक्ति को ही राजपत्रित पद की कुर्सी में बैठना ही है तो राजपत्रित पद का कोई औचित्य नहीं है..शिक्षा विभाग में प्रतिभाशाली,शिक्षकों कर्मचारीयों की कमी नहीं है सभी राजपत्रित पदों पर अराजपत्रित प्रतिभाशाली शिक्षकों की पदस्थापना कर राजपत्रित पद को खत्म एवं शिथिल कर दिया जानी चाहिए…

जिससे राजपत्रित पद के नाम पर उच्च मैट्रिक्स लेवल के वेतनमान ले रहे अधिकारीयों को मिलने वाले करोड़ों अरबों की धनराशि शासकीय खजाने में सुरक्षित रहेगी और राज्य के खजाने में वृद्धि होगी… नहीं तो सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा के राजपत्रित पद पर बैठे अयोग्य अराजपत्रित शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा को तत्काल हटाकर योग्य राजपत्रित अधिकारी की पदस्थापना किया जाना चाहिए… जय छत्तीसगढ़ महतारी… कछु खबर हो ही त जरुर बताहु संगवारी हो फोन करहु…वाट्साप करहु… मोर मो.नं..हे..7441148115





